छत्रसाल महाविद्यालय के बास्केट बॉल मैदान पर चला बुलडोजर

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बास्केट बाल मैदान पर बुलडोजर चलाकर कर दिया समतल

खेल युवा कल्याण विभाग और कालेज राबंधन के बीच जमीन को लेकर विवाद गहराया

पन्ना – {sarokaar news} छत्रसाल महाविद्यालय तथा खेल युवा कल्याण विभाग के बीच जमीन को लेकर चल रही तनातनी उस समय खुलर समने आ गयी जब खेल युवा कल्याण विभाग द्वारा महाविद्यालय प्रबंधन को बिना किसी सूचना के छत्रसाल महाविद्यालय के बास्केट बाल मैदान पर बुल्डोजर चला कर मैदान को समतल करदिया गया। जबकि नजर बाग ग्राउन्ड सहित समूचा परिसर महाविद्यालय के अधीन ही रहा है। वर्षों से छात्र छात्राएं बास्केट बाल मैदान पर खेलते आ रहे हैं किंतु खेल एवं युवा कल्याण द्वारा बास्केट बाल मैदान को समतल किये जाने के कारण महाविद्यालय के प्राचार्य सहित अध्यापकों ने नाराज़गी व्यक्त करते हुये जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों सहित जिम्मेदार नागरिकों से हस्तक्षेप की मांग की है।

बताते चलें कि ऐतिहासिक छत्रसाल महाविद्यालय की निर्माण 1956 में किया गया था और आसपास की सम्पूर्ण भूमि छत्रसाल महाविद्यालय के नाम दर्ज थी किंतु 2006 में उक्त भूमि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के नाम दर्ज हो गयी और महाविद्यालय प्रबंधन को इसकी भनक तक नहीं लग पायी। छत्रसाल महाविद्यालय का कहना है कि अभी हाल ही मे इसी परिसर मे रूसा विश्व बैंक से अनुदार प्राप्त करके रिसर्च सेन्टर एवं अन्य निर्माण कार्य कराये जाने है जिसके लिए विश्व बैंक प्रोजेक्ट आईडीपी के तहत 11 करोड की राशि का प्रपोजल भेजा गया था जिसमे 6 करोड राशि स्वीकृत भी हो चुकी है तथा निर्माण कार्य एजेन्सी हाउसिंग बोर्ड को बनाया गया है तथा जल्द ही कार्य प्रारंभ होने वाला है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जमीन हथिया ली जाती है तो उक्त सारे काम रुक जाने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

पन्ना जिला का ऐतिहासिक छत्रसाल महाविद्यालय अग्रणी महाविद्यालय है तथा विगत वर्ष पूरे देश नेक द्वारा किये गये सर्वेक्षण मे छत्रसाल महाविद्यालय को बी प्लस ग्रेड दिया गया था तथा सागर संभाग मे महाविद्यालय प्रथम स्थान पर है। अब अगर खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा महाविद्यालय की जमीन पर कब्जा कर लिया जाता है तो महाविद्यालय की गरिमा पर असर होगा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अन्य स्थान पर जमीन आवंटित कर महाविद्यालय की गरिमा को बचाया है। महाविद्यालय की जमीन को खेल एवं युवा कल्याण विभाग जाने से विद्यालय के पूर्व छात्र भी आक्रोशित हैं तथा छत्रसाल महाविद्यालय की विभिन्न परियोजनाओं के लिये आरक्षित जमीन पर अनावश्यक निर्माण के पक्ष में नहीं हैं।

विद्यालय प्रबंधन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के बीच चल रही जमीन की लड़ाई कहा जाकर रुकेगी और स्थानीय प्रशासन इस पूरे मामले पर कैसे निपटता है आने दिनों में स्थिति और साफ़ हो जाएगी।