पन्ना

आदिमजाति जिला संयोजक साबित खान का एक और कारनामा उजागर

सूचना के अधिकार से हुआ खुलासा

आदिमजाति जिला संयोजक साबित खान का एक और कारनामा उजागर

पिछडावर्ग की महिला को आदिवासी बताकर दिया गया था छात्रावास अधीक्षक का प्रभार

पन्ना – {sarokaar news} आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक साबित खान का एक और कारनामा उजागर हुआ है। इस सम्बन्ध में पल्लवी चौरसिया ने जनसुनवाई में आवेदन पत्र देते हुए छात्रावास अधीक्षिका की नियुक्ति पर संयोजक साबित खान पर प्रशासन को गुमराह करने का आरोप लगाया है। आवेदनपत्र में उल्लेख है कि जिले के आदिवासी क्षेत्र भोपार आश्रम मे अधीक्षका का पद विगत वर्ष 2018 मे खाली था जिसके लिए आदिम जाति विभाग के तत्कालीन संयोजक आरके सतनामी ने संकूल प्राचार्य से एक महिला शिक्षिका का नाम अधीक्षका के लिए मांगा था, जिसके लिए महिला शिक्षिका पल्लवी चौरसिया ने संकुल प्राचार्य तथा शिक्षा अधिकारी के माध्यम से अपना आवेदन 23 जून 2018 को जिला संयोजक कार्यालय मे दे दिया।

उसी दौरान जिला संयोजक के पद पर साबित खान पन्ना में फिर से पदस्थ हुये और उन्होंने आवेदका पल्लवी चौरसिया को अधीक्षिका का प्रभार न देकर अन्य आवेदिका श्रीमती सत्या सिंह को अधीक्षिका बनाकर भेज दिया। तद्पश्चात पल्लवी चौरसिया ने उनकी नियुक्ति में बरती गयी अनियमितताओं को लेकर कलेक्टर सहित आदिमजाति जिला संयोजक को शिकायती आवेदन दिया। कलेक्टर को दिए गए शिकायती पत्र पर आदिमजाति विभाग से दिनांक 13/092018 को पत्र क्रमांक 1970 में बताया कि श्रीमती सत्यासिंह सहायक अध्यापक शासकीय प्राथमिक शाला भोपार स्थानीय विद्यालय में पदस्थ होने तथा अनुसूचित जनजाति की होने और जिला शिक्षा अधिकारी की अनुशंसा पर आदिवासी कन्या आश्रम भोपार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।

सूचना के अधिकार अधिनियम से प्राप्त जानकारी के अनुसार श्रीमती सत्या सिंह का जाति प्रमाणपत्र में उनकी जाति कुर्मी दर्ज है। इससे पता चलता है कि उक्त नियुक्ति में आदिमजाति विभाग के संयोजक साबित खान द्वारा प्रशासन को गुमराह कर पैसे लेकर उक्त नियक्ति की गई है। इतना ही नहीं श्रीमती सत्या सिंह को 4 वर्ष पूर्व इसी आश्रम से वित्तीय अनियमितताओं के चलते हटाया गया था। होने के कारण जिसमे नियुक्ति चलें कि अभी हाल में ही जिला संयोजक साबित खान छात्रावास अधीक्षिका से 27 हज़ार की रिश्वत लेते हुए धरे गए थेवर्तमान में श्रीमती सत्या सिंह प्राथमिक शाला भोपार,माध्यमिक शाला भोपार प्राथमिक शाला छतौर,कन्या आश्रम भोपार सहित बालिका छात्रावास कल्दा इन सभी पदों का निर्वहन सतना जिले में निवासरत होकर कर रहीं हैं।

काबिलेगौर है कि आदिमजाति कल्याण विभाग के संयोजक साबित खान को लोकायुक्त ने उनके कार्यालय से 27 हज़ार की रिश्वत लेते हुए हाल ही में पकड़ा हैयह अलग बात है कि वह अभी तक पन्ना में डटे हुए हैं। अपनी कार्यशैली के लिए बदनाम संयोजक पर एक बार फिर आरोप लग रहे हैं कि उनके द्वारा प्रशासन को गुमराह कर नियुक्ति की गयी है जिसकी जांच की मांग हो रही है।

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