दुराचारी को दस साल कैद बा मशक्कत

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नाबालिग को भगा ले जाकर बलात्कार करने वाले अभियुक्‍त को 10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा

पन्ना – {sarokaar news} नाबालिग से बलात्कार के आरोपी को अदालत ने 10 साल की कड़ी सजा सुनाते हुए पीड़ित को न्याय प्रदान किया। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि पवई थाना अंतर्गत दिनांक 22.03.2019 को पीड़ित की माँ ने थाना पवई में रिपोर्ट लेख कराई कि मैं मजदूरी का काम करती हूँ । मेरी पुत्री [नाम उल्‍लेखित नहीं किया जा रहा है] आज से लगभग एक माह पूर्व दिशा मैदान की जाने को कहकर गई थी। लेकिन जब लौट कर घर नहीं आई। तब मैं उसकी तलाश करती रही। लेकिन वह नहीं मिली।

आवेदिका की रिपोर्ट पर थाना-पवई में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना दौरान पुलिस ने नबालिका को बरामद कर उससे पूछताछ की तो उसने बताया कि जब में दिशा मैदान करने गई थी। तब जीतेन्‍द्र आदिवासी ने मुझे पकड़ लिया और अपने साथ ले जाने लगा मेरे विरोध करने पर मुझे मार्नेर लगा और जबरदस्ती अपने साथ दिल्ली ले गया और पत्नी बनाकर मेरे साथ गलत काम करता रहा। में जब भी घर जाने के लिए कहती वह मेरे साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता। नबालिका के धारा 164 द0प्र0सं0 के कथन न्‍यायालय में कराये गये तथा नबालिका का चिकित्‍सकीय परीक्षण कराया गया।

मामले की जांच पड़ताल करने के बाद अभियुक्‍त के विरूद्ध अपराध प्रमाणित पाये जाने पर अभियोग पत्र न्‍यायालय में प्रस्‍तुत किया गया। मामले की सुनवाई श्री राजेश कुमार रावतकर, अपर सत्र न्‍यायाधीश पवई के न्‍यायालय में हुआ। अभियोजन के द्वारा प्रस्‍तुत तर्को एवं न्‍यायिक दृष्‍टांतो के आधार पर अदालत ने आरोपी जीतेन्‍द्र आदिवासी को दोषी पाया गया तथा न्‍यायालय से अभियोजन के द्वारा अभियुक्‍त को कठोर से कठोर दंड से दंडित किये जाने का निवेदन किया गया। न्‍यायालय के द्वारा अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुये अभियुक्‍त जीतेन्‍द्र आदिवासी पिता स्‍वामीलाल आदिवासी निवासी ग्राम बेहर खेडा थाना-पवई को धारा 376(2)(एन) भा.द.वि. में 7 वर्ष का कठोर कारावास और 500/- रूपये का अर्थदण्‍ड व धारा 363 भा.द.वि. में 2 वर्ष का कठोर कारावास और 500/- रूपये का अर्थदण्‍ड व धारा 366(क) भा.द.वि. में 2 वर्ष का कठोर कारावास और 500/- रूपये का अर्थदण्‍ड व धारा 4 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में 10 वर्ष के कठोर कारावास और 500/- रूपये का अर्थदण्‍ड से दंडित किया गया।

प्रकरण में जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह के मार्ग दर्शन में उमेश सोनी, सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी पवई द्वारा शासन की ओर से सशक्त पैरवी करते हुए आरोपी को सजा दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाहन किया।

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