यूपी में पुलिस की हिरासत में अल्ताफ की मौत

0
114

यूपी – {sarokaar news} उत्तर प्रदेश में पुलिस की हिरासत मे नवयुवक की मौत ने एक बार फिर पुलिसिया कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल अल्ताफ पर आरोप था कि वह लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया है और जब 8 नवम्बर को पुलिस उसे पकड़ने आयी तो उसके पिता ने स्वयं अपने पुत्र को पुलिस के हवाले कर दिया था और अगले दिन अल्ताफ की लाश मिलती है। पुलिस द्वारा कहनी बताई जा रही ही कि उसने शौचालय में लगे नल की टोंटी से लटककर आत्महत्या कर ली। बताते चलें कि अल्ताफ की लंबाई लगभग 5 फ़ीट है और नल की टोंटी की ऊंचाई 2 फ़ीट बताई जा रही है। एसपी रोहन प्रमोद गोत्रे द्वारा नल की टोंटी से जैकेट में लगे हुड की सहायत से अल्ताफ नेअपना गला घोंटने की कोशिश की। मगर एसपी साहब यह बताना भूल गये अथवा जानबूझकर नहीं बताया कि इतनी कम काम ऊंचाई से लटककर कोई कैसे मर सकता है।

अभी हाल में ही उत्तर प्रदेश [आगरा] में पुलिस हिरासत में अरुण बाल्मीकि की मौत हुई थी। इस पूरे घटनाक्रम में एक बार फिर उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़े कर दिये हैं। सोशल मीडिया पर घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की पुलिस पर सवाल हो रहे हैं तथा पूर्व आईएएस सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट करते हुये लिखा ही कि “5.6 फीट का अल्ताफ, नाड़े से बाथरूम की 2 फीट ऊंची टौंटी से लटक गया और मर गया, सिंपल। यूपी में रोज ऐसी कितनी घटिया स्क्रिप्ट लिखी जाती हैं। कोई पद्मश्री बची है,क्या? “

सर्वोच्य न्यायालय के चीफ जस्टिस श्री एनवी रमना पुलिसिया कार्यप्रणाली पर अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं तथा कई बार अदालतों से फटकार खाने के बाद भी आखिरकार पुलिस की कार्यप्रणाली पर कोई सुधार होता क्यों नहीं दिख रहा है।

एसपी रोहन प्रमोद गोत्रे द्वारा हिरासत में हुई मौत को लेकर शहर कोतवाली प्रभारी वीरेंद्र सिंह इंदौलिया, एसआई चंदेल गौतम, हेड मुहर्रिर धनेन्द्र सिंह, आरक्षक रोहित सोलंकी और विकास कुमार को लापरवाही के चलते फ़िलहाल निलंबित कर दिय गया है।