पन्ना – (Sarokaar news) – महन्त राजेश दीक्षित एडवोकेट, महन्त ठाकुर श्री जुगल किशोर जू मंदिर, किशोरगंज पन्ना मप्र द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुये बताया है कि

उनके द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पन्ना जिला पन्ना मप्र के न्यायालय में एक प्रकरण अंतर्गत धारा 115 / 32 म०प्र०पू०रा०स० के अंतर्गत दिनांक 06.05.2022 को पेश किया गया है जिसमें उनके द्वारा लेख किया गया है कि वर्ष 1955-56 के शासकीय जिल्द बन्दोबस्त के दौरान मंदिर ठाकुर श्री जुगल किशोर जू पन्ना म०प्र० खाता क्रमांक 100 भू स्वामी कालम क्रमांक 02 में मंदिर श्री जुगल किशोर जी के महन्त के रूप में आवेदक के पितामह का नाम दर्ज था।

किन्तु राजस्व कर्मचारियों द्वारा पश्चात वर्तीय अभिलेख संधारण करने में त्रुटिवश खसरा वर्ष 1975-76 में मंदिर श्री जुगल किशोर जी के महन्त आवेदक के पितामह के नाम की जगह गोल घेरा लगा कर बिना किसी सक्षम प्राधिकारी के आदेश के व्यवस्थापक जिलाध्यक्ष पन्ना लेख कर दिया है ।

प्रकरण के दस्तावेज

जो कि विधि एवं प्रक्रिया के विपरीत होने से गोल घेरा तथा व्यवस्थापक जिलाध्यक्ष पन्ना का नाम विलोषित किया जाये व खसरा 1975-76 में आवेदक के पितामह व आवेदक के पिता महन्त पंडित श्री मनमोहन दीक्षित एडवोकेट का नाम लेख किया जाये तथा अब वर्तमान में महन्त पंडित श्री राजेश दीक्षित एडवोकेट महन्त मंदिर श्री जुगल किशोर जी का नाम लेख किया जाये।

उक्त प्रकरण में महत्वपूर्ण बिन्दु यह भी उठाया गया है कि वर्ष 1975-76 में महन्त पंडित श्री मनमोहन दीक्षित एडवोकेट वार्ड क्र0 15 शहर पन्ना जिसमें ठाकुर श्री जुगल किशोर जी मंदिर स्थित है, उक्त वार्ड से जनसंघ दल से नगरपालिका परिषद पन्ना म०प्र० से पार्षद रहे है तथा जनसंघ के सक्रीय कार्यकर्ता थे।

तत्समय कांग्रेस सरकार के कुचक्र राजनैतिक षडयंत्र के कारण सम्पूर्ण भारत में दिनांक 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक 21 महीने की अवधि में इमरजेन्सी (मीशा) लगाई गई (आपातकाल घोषित किया गया) जो कि अलोकतान्त्रिक काल था तथा उस दौरान कांग्रेस पार्टी की दमनकारी नीति के चलते अन्य सभी विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को अकारण ही जेल में बंद कर दिया गया । जिसमे महन्त पं. श्री मनमोहन दीक्षित एडवोकेट को भी पन्ना में हिरासत में लेकर केंद्रीय कारागार जबलपुर मप्र जेल में राजनैतिक बंदी(मीसा बंदी) के रूप में बंद किया गया राजनैतिक बंदी होने के संबंध में दस्तावेज भी प्रकरण में संलग्न किये गये है।

राजनैतिक बंदियों की सम्पत्तियों को तत्समय की सरकार द्वारा राजस्व रिकार्ड में खुर्दबुर्द करने का काम किया गया जिसमें ठाकुर श्री जुगल किशोर जू मंदिर के महन्त पं.श्री मनमोहन दीक्षित एडवोकेट ,पार्षद नगरपालिका परिषद पन्ना की सम्पत्ति) ठाकुर श्री जुगल किशोर जू मंदिर को षडयंत्र करते हुये कांग्रेस सरकार ने राजस्व अभिलेखों में बिना किसी सक्षम अधिकारी के आदेश के (विधि एवं प्रक्रिया की त्रुटि करते हुये) ठाकुर श्री जुगल किशोर जी मंदिर व्यवस्थापक जिलाध्यक्ष पन्ना लेख करा दिया गया।

उक्त प्रकरण में शासकीय अभिलेख खसरा में वर्ष 1975-76 में त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि व्यवस्थापक जिलाध्यक्ष पन्ना को विलोषित करने

मंदिर ठाकुर श्री जुगल किशोर जी पन्ना के सम्बन्ध में राजस्व अभिलेख में की गई त्रुटि का सुधार करते हुये आवेदक का नाम महंतीय व्यवस्था के अनुरूप मंदिर ठाकुर श्री जुगल किशोर जी पन्ना मे महन्त पं. राजेश दीक्षित एडवोकेट के रूप में दर्ज किया जावे तथा व्यवस्थापक जिलाध्यक्ष शब्द विलोपित किया जाये।

ठाकुर श्री जुगल किशोर जी मंदिर के महन्त का दायित्व आवेदक / महन्त पं.राजेश दीक्षित एडवोकट को कूला मनकूला सौंपा जावे ताकि पुरातन रीति रिवाज के अनुसार ठाकुर की सेवा पूजा विधि विधान से हो सके। व आवेदक / महन्त पं.राजेश दीक्षित एडवोकेट को महन्ती परम्परानुसार पैतृक सम्पत्ति ठाकुर श्री जुगल किशोर जू/मंदिर प्रदान किया जावे।