एनसीएचआरओ ने जेएनयू में एबीवीपी द्वारा की गई गुंडागर्दी की निंदा की

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{sarokaar news} – देश में खानपान तथा कपड़ों के पहनावे पर सरकार समर्थित समूहों द्वारा लगातार नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। भारत के संविधान को दरकिनार करते हुये इन समूहों और इनके भगवाधारी सरगनायों द्वारा ख़ास धर्म के लोगों की सामूहिक हत्या और उनकी महिलाओं का बलात्कार करने का खुला आह्वान किया जाने लगा है और सरकार आपराधिक चुप्पी साधकर इस कृत्य में सहभागी बनी हुई है। भगवाकरण के इस नये दौर में कानून और संविधान की बात करना जोखिम भरा लगने लगा है। कल जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी {जेएनयू} में खाने को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उत्पात मचाया गया और मार पिटाई की गई। इस संबंध में मानवाधिकार संगठन नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO) दिल्ली राज्य समिति के सदस्य शोएब अहमद ने बताया है कि…….

10 अप्रैल, 2022 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कावेरी छात्रावास में दक्षिणपंथी गुंडों द्वारा एक बार फिर हिंसा देखी गई। कथित तौर पर, जब मैस में खाना तैयार किया जा रहा था, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने उस जगह पर धावा बोला और लोगों को पीटना शुरू कर दिया क्योंकि तैयार किया जा रहा खाना मांसाहारी था। रविवार के दिन कैंपस में मैस में नियमित रूप से मांसाहारी भोजन बनाकर परोसा जाता है। एबीवीपी ने कथित तौर पर तैयार किए जा रहे भोजन पर आपत्ति जताई और छात्रों के खिलाफ हिंसा शुरू की। इससे कई छात्र घायल हो गए हैं।

अपनी पसंद का खाना खाने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के उल्लंघन के अलावा, इस तरह की हरकत भारत के कई हिस्सों के छात्रों का भी अपमान है जो जेएनयू में पढ़ते हैं। हर व्यक्ति पर एक प्रकार की भोजन प्रथा थोपना बिल्कुल स्वीकार नहीं की जा सकता है।

मानवाधिकार संगठन नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO) ABVP द्वारा की गई गुंडागर्दी की निंदा करता है। किसी भी समुदाय का खान-पान उनकी संस्कृति का भी हिस्सा होता है, और इसलिए एक प्रथा को दूसरे पर थोपना उसकी संस्कृति पर भी हमला है।

हम अन्य प्रगतिशील संगठनों से हमले की निंदा करने के लिए आगे आने का आग्रह करते हैं। ऐसे समय में जब आम तौर पर देश भी हर संस्था और प्रथा का
भगवाकरण देख रहा है, इस हिंसा के खिलाफ बोलना और भी ज़रूरी है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस हिंसा को शुरू करने वाले गुंडों का समूह देश भर में
जो कुछ भी हो रहा है, जो की वर्तमान में सत्ता में हिंदू राष्ट्रवादी सरकार द्वारा स्वीकृत है, से उत्साहित हैं।

मानवाधिकार संगठन नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO) ने दोहराया कि हम इस हिंसा के मूकदर्शक के रूप में खड़े नहीं होंगे और इसका सामूहिक विरोध करना जारी रखेंगे।