NCHRO की लीगल टीम जहांगीरपुरी हिंसा पीड़ितों से मिली

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{sarokaar news} – देश की राजधानी दिल्ली के जहांगीरपुरी में घटित साम्प्रदायिक घटना के बाद सरकार ने बेहद गैरजिम्मेदाराना और कानून को दरकिनार करते हुये मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाकर तोड़ा गया है उस पर सवाल उठ रहे हैं। उत्तर प्रदेश से शुरू हुआ कथित बुलडोजर न्याय अब देश की राजधानी तक पहुंच गया है। सरकारी संरक्षण में देश के कानून और संविधान के विरुध्य बुलडोजर अन्याय जारी है। नागरिकों को प्रताड़ित करने उनके मौलिक अधिकारों का घोर दमनकर भाजपा शाषित राज्यों में यह गैरकानूनी कृत्य किया जा रहा है। देश के तमाम अमन पसंद और संविधान पर विश्वास रखने वाले नागरिक चिंतित हैं। ऐसे में मानवाधिकार संगठनों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। मानवाधिकार संगठन नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO) दिल्ली प्रदेश कमेटी के सचिव खालिद सैफुल्लाह ने जानकारी साझा करते हुये बताया है कि……..

पिछले दिनों जहाँगीरपुरी में हुई हिंसा और उसके बाद बुलडोजर की कार्रवाही से पीड़ित लोगो से NCHRO की लीगल टीम ने मुलकात की। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट अमित श्रीवास्तव के निर्देश पर संगठन के वकीलों ने जहांगीरपुरी का दौरा किया। उन्होंने बताया की इस दौरान टीम से गिरफ्तार किया गए लोगों के परिजनो ने मुलकात की। संगठन ने उनकी ज़मानत के मामले देखने के लिए परिजनों को भरोसा दिलाया। टीम में शामिल एडवोकेट आशुतोष कुमार ने जिन लोगो के मकान और दुकान बुलडोजर ने ढहा दिया थे उनकी कानूनी लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया।

टीम ने अपने दौरे के दौरान पाया की पुलिस अभी भी गैर कानूनी तरीके से लोगो को हिरासत में ले रही है। हिरासत के दौरान ऐसे लोगो को पुलिस शरारिक और मानसिक तौर पर प्रताडित कर रही है। ऐसी आपात स्थिति में कानूनी मदद के लिए टीम में शामिल अधिवक्ताओं ने अपने मोबाइल नम्बर जहाँगीरपूरी के ज़िम्मेदार लोगो को दिए। संगठन की इस टीम ने पीड़ितो को आश्वासन दिया की कानूनी लड़ाई में जहां पीड़ितों को जरूरत होगी संगठन हर संभव मदद करेगा। इस मौके पर टीम में एडवोकेट अंसार इंदौरी, एडवोकेट आशुतोष कुमार, एडवोकेट प्रमोद कुमार के अलावा संगठन के सदस्य शोएब अहमद,रिज़वान अहमद और मोहम्मद ज़ुबैर भी शामिल थे।