संवैधानिक मूल्यों को बचाना हमारी पहली प्राथमिकता : विनोद गौतम

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शांति-सद्भाव बचाना आज की प्रमुख जरूरत : अर्चना

स्वतन्त्रता,समता,बन्धुता और न्याय संवैधानिक मूल्य : भारती सरोज

{sarokaar news} – आज रामपुर जनपद जौनपुर में *राइज एंड एक्ट* के तहत सद्भावना की ओर बढ़ते कदम विषयक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में समाज में फैल रहे भेदभाव के बारे में भेदभाव,असहिष्णुता और गैर बराबरी पर चिंता व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा जाति, धर्म,भाषा और लिंग के नाम पर अन्याय किया जा रहा है वह संविधान के मूल्यों के विपरीत है. सामाजिक भेदभाव से हमारी सदियों पुरानी मेल-जोल की संस्कृति को नुकसान पहुंचेगा.यदि हमें अपनी विरासत को बचाना है तो लोकतंत्र और संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
मुख्य प्रशिक्षक विनोद कुमार गौतम ने कहा कि इससे समाज को ही नहीं बल्कि देश को बहुत ही हानि हो रही है ऐसे में शांति एवं सद्भाव के लिए काम करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए. महात्मा गांधी ने तमाम शांति आंदोलन के जरिये अंग्रेजों को देश से भगाया,जिसमें असहयोग आंदोलन, नमक आंदोलन, विदेशी सामानों का बहिष्कार और भारत छोड़ो आंदोलन प्रमुख था.बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने कमजोर वर्गों के हित को संविधान में सुरक्षित कर दिया.आज हमें शांति के साथ उन्हें अक्षुण्ण बचाये रखने के लिए संघर्ष करना होगा।
अर्चना ने कहा कि हमें अपने महापुरुषों ज्योतिबा फुले,भगत सिंह, डॉक्टर अंबेडकर, जवाहरलाल नेहरू आदि के विचारों को अपनाना होगा तभी देश में शांति-सद्भाव कायम करना होगा।
भारती सरोज ने कहा कि आज गांव-गांव पांव-पांव संविधान के मूल्यों यथा स्वतन्त्रता, समता,बन्धुता और न्याय की अवधारणा को पहुंचाने की जरूरत है.सबसे ज्यादा अवहेलना आज इसी की हो रही है.इस विरासत को बचाये रखना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है.
कार्यक्रम में सीमा भारती, शिव कुमारी ,वीना भारती ,जियालाल, भारती सरोज, विश्वदीप सरोज,नदीम अहमद, बंदना पाल, मंजू मौर्या, शंकर पाल,इदरीस हसन आदि ने भी अपना विचार रखा.कार्यक्रम का संचालन वीना ने और रूपरेखा विनोद कुमार गौतम ने रखी.