अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों से करता है अवैध वसूली

महिला डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों से करता है आए दिन बदसलूकी

अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस में शिकायत करने के बाद भी नहीं हो रही कार्रवाई

उक्त कर्मचारी के क्रियाकलापों से हम लोग खुद परेशान हैं : सिविल सर्जन

पन्ना – {sarokaar news} जिला चिकित्सालय अपनी लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बदनाम रहा है, जैसे तैसे सरकार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करते हुए अस्पतालों में पदस्थ डॉक्टरों के ड्यूटी के घंटों को बढ़ाया तथा शाम 4:00 बजे तक आवश्यक रूप से डॉक्टर ओपीडी में बैठे ताकि दूरदराज सहित शहरी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से दो-चार ना होना पड़े। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से आमजनों को चिकित्सकों की उपलब्धता निरंतर मिल रही है तथा इसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिलना शुरू हो गये हैं। एक ओर सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रयास कर रही है तो दूसरी ओर जिला चिकित्सालय पन्ना में पदस्थ वार्ड ब्यॉय स्वास्थ्य सेवाओं को बाधित कर अपने क्रियाकलापों से जिला चिकित्सालय को बदनाम कर रहा है।

बताते चलें कि उक्त वार्ड ब्यॉय की करतूतों पर अंकुश लगाने के लिए दिनांक 4/6/2019 को सिविल सर्जन ने लिखित रूप से शिकायती पत्र पन्ना कोतवाली में दिया है जिस में उल्लेख है कि उक्त वार्ड ब्यॉय द्वारा ड्यूटी न करने तथा नशे की हालत में अस्पताल परिसर में घूमना और सिविल सर्जन से अवकाश का आवेदन देते समय अपशब्दों का प्रयोग करना जिसपर सिविल सर्जन द्वारा वार्ड बॉय की मेडिकल जांच हेतु लेखकर स्टुअर्ट को भेजा गया, इससे बौखलाए वार्ड ब्वॉय ने अधोहस्ताक्षरी पत्र को छुड़ाकर फाड़ डाला। पत्र में उल्लेख है कि उक्त कर्मचारी के विरुद्ध पूर्व में भी दिनांक 28/5/2019 को सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज कल्लू अजयगढ़ {प्रतापपुर} निवासी के परिजन रामनारायण से एक्स-रे करवाने के नाम पर अवैध रूप से 200 वसूल किए गए। इसके अलावा आए दिन अस्पताल में शराब के नशे में धुत होकर मरीजों के परिजनों से पैसे वसूली करने के संबंध में रिपोर्ट की गई थी इसके बाद भी उक्त कर्मचारी के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गई। पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि उक्त कर्मचारी के विरुद्ध तत्काल उचित कार्रवाई करने का कष्ट करें।

अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस को दिया गया शिकायती पत्र

जिला अस्पताल के निरंकुश कर्मचारी के संबंध में अस्पताल के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने हैरान करने वाले खुलासे करते हुए महिला डॉक्टर ने बताया कि उसका आचरण बहुत खराब है तथा एक बार में अस्पताल में मरीजों को देख रही थी उसी दौरान यह वार्ड ब्यॉय आया और टेबिल पर जोर से हाथ मारते हुए बलपूर्वक कहने लगा कि पहले मेरा मरीज देखो। इसी तरह एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि उक्त वार्ड ब्यॉय की अस्पताल प्रबंधन द्वारा रिपोर्ट की गयी है, एक पुलिस वाला आता है और दोस्ताना तरीके से बात करते हुए चला जाता है।

इनका कहना है –
मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एलके तिवारी – हम हॉस्पिटल मैनेजर को बोलकर उक्त वार्ड ब्यॉय की पुलिस में रिपोर्ट करने के लिए कहता हूं क्योंकि ऐसे मामलों में कार्रवाई करने का अधिकार पुलिस को है हम लोग पकड़ कर कार्यवाही नहीं कर सकते हैं।

सिविल सर्जन डॉ आर एस त्रिपाठी – अभी मैंने शराब के नशे में ड्यूटी स्थल पर रहने वाले 2 कर्मचारियों की पुलिस में शिकायत की है इस पर कानूनी कार्रवाई होती है तो अन्य लोगों में डर होगा, उक्त वार्ड ब्यॉय के विरुद्ध पन्ना कोतवाली में लिखित रूप से आवेदन पत्र दिया गया है कार्रवाई करना पुलिस का काम है। उक्त कर्मचारी के क्रियाकलापों से हम लोग खुद परेशान हैं। पुलिस में शिकायत देने के बाद भी कोई कार्र्रवाई नहीं हो रही है।

जिला अस्पताल प्रशासक – उक्त कर्मचारी अपनी मनमानी करता है तथा आए दिन वार्ड में मरीजों के परिजनों से झगड़ा और अवैध वसूली जैसे कामों को अंजाम देता है। वार्ड में उक्त कर्मचारी के आचरण से मरीजों को कोई असुविधा न हो इसके लिए इसकी ड्यूटी ओपीडी में लगा दी है।

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