निकाय चुनावों से आमजन के मुद्दे हुये गायब

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{sarokaar news} – पन्ना, नगरीय निकायों के प्रथम चरण का मतदान शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हो गया है नगर में भीषण जलसंकट के बीच हुए चुनावों में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस आमजन के मुद्दों को भुनाने के विफल रही है। वहीँ सत्ता पक्ष के उम्मीदवारों को प्रधानमन्त्री आवास योजना का नगरीय निकाय चुनावों में लाभ मिला है। नगर के 1 नंबर वार्ड से भाजपा प्रत्याशी उमा बबलू पाठक और वार्ड नंबर 19 से मीना विष्णु पांडेय निर्विरोध चुन लिये गये। जबकि वार्ड 1 से कुल 7 प्रत्याशी मैदान में थे इसी तरह वार्ड 19 से कांग्रेस प्रत्याशी सहित निर्दलियों ने अपना नाम वापस लेकर भाजपा का रास्ता हमवार कर दिया।

शहर में भीषण जलसंकट में बूँद – बूँद पानी को तरसते नागरिकों के रोष को भुनाने की इच्छाशक्ति कांग्रेसियों में नज़र नहीं आयी। दो प्रत्याशियों का भाजपा के सामने समर्पण ऐसे में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शारद पाठक पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा वार्ड में प्रत्याशियों के जनसम्पर्क में जिले के बड़े नेता साथ नहीं दिखे इसके विपरीत प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान पन्ना आये और उन्होंने प्रत्याशियों के समर्थन में वोट मांगे।

नगरीय निकाय चुनाव मुद्दों से ज्यादा राजनीतिक विचारधारा पर आधारित रहा है। पानी की किल्लत से जूझ रहे शहर को भले ही पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा हो लेकिन इसका व्यापक विरोध किसी भी राजनीतिक दल ने नहीं किया। मजे की बात तो यह है कि किसी भी दल के प्रत्याशी ने नगर को पानी की किल्लत से छुटकारा दिलाने के लिये वादा तक नहीं किया।

पन्ना में लंबे समय से “केन नदी का पानी पन्ना लाओ” मुहिम चल रही थी लेकिन यह मुहिम चुनावी मुद्दा नहीं बन सकी। पन्ना नगर पालिका में अध्यक्ष की कुर्सी किसके हिस्से आती है यह देखना दिलचस्प होगा क्योंकि वतर्मान में सत्ता पक्ष से कई दावेदार मैदान में पूरे जोश खरोश के साथ डटे हुये हैं वहीँ कांग्रेस पार्टी के कथित दिग्गज भी पूरी तैयारी कर जनता के बहुमत का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं। ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो समय के गर्त में है लेकिन निर्दलियों के प्रदर्शन ने दोनों पार्टियों को अपनी रणनीति पर गौरो फिक्र करने के लिये जरूर मज़बूर कर दिया है।