रश्मीत मल्होत्रा रेत कम्पनी द्वारा पुलिस अधीक्षक को सौपा ज्ञापन

अवैध रेत की चोरी करने वाले सत्ताधारी नेताओं पर की जाये कार्यवाही

पन्ना – {sarokaar news} पन्ना जिले के अजयगढ़ तहसील अंतर्गत चल रही रेत की खदान सत्ताधारी राजनेताओं स्थानीय प्रशासन और पुलिस के लिये कमाई का अकूत जरिया हैं। रेत ठेकेदार को प्रशासन का खुला संरक्षण मिला होने के कारण रेत कारोबारी रश्मीत मल्होत्रा के गुर्गे किसी को भी पकड़कर मारपीट करते रहते हैं इसके अलावा अजयगढ़ क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने कई बार पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन के माध्यम से मांग करते रहे हैं कि रेत ठेकेदार द्वारा हमारी कृषि भूमि पर जबरन खोदकर रेत निकाली जा रही है तथा रेत से भरे ट्रक हमारे खेतों से निकालकर फसलों को नुक्सान पहुंचाया जा रहा है इससे हमारे खेत बर्बाद हो रहे हैं लेकिन रेत कारोबारी को सरकारी संरक्षण प्राप्त होने के कारण किसानों की एक नहीं सुनी गयी। रेत ठेकेदार द्वारा पूर्व में भी अधिकारियों पत्रकारों और स्थानीय निवासियों के साथ मारपीट की गयी है यह अलग बात है कि प्रशासन ने रेत ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के बजाये पूरा संरक्षण दिया। सरकार किसी की भी रही हो राजनेताओं ने जिले की खनिज संपदा को चहेते ठेकेदारों के साथ मिलकर खूब लूटा है। प्रदेश में थोड़े समय लिये कांग्रेस सरकार में रही उस दौरान कांग्रेस नेता भरत मिलन पांडेय ने सत्ता में अपनी पहुंच के बल पर जमकर रेत के खेल में लिप्त रहे। उनके ऊपर ईमानदार एसडीएम आयुषी जैन ने जब कार्रवाई की तो उनपर वाहन चढ़ाकर हत्या करने का प्रयास किया गया था यह बात खुद तत्कालीन एसडीएम आयुषी जैन ने कही थी।

खनिज संपदा से लबरेज पन्ना जिला में पदस्थ अधिकारियों के लिये कमाई का साधन बन गया है। प्रदेश सरकार में खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह के गृह जिले में रेत ठेकेदार रश्मीत मल्होत्रा नियम कानून को ठेंगा दिखाते हुये लंबे समय से अपनी मनमानी करते आ रहे हैं लेकिन खनिज मंत्री होने के साथ साथ उनके गृह जिले का मामला होने के बाद भी रेट ठेकेदार की निरंकुशता जारी रहती है और रश्मीत मल्होत्रा के खिलाफ सैकड़ों की संख्या में किसान पन्ना आकर धरना प्रदर्शन करते हैं और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हैं किंतु रेत ठेकेदार पर कार्रवाई करने का सामर्थ प्रशासन नहीं जुटा पाता है, आखिर क्यों?

रेत ठेकेदार के बढ़ते हौसलों ने दिनांक 31/5/2021 की रात को भाजपा मंडल अध्यक्ष कौशल किशोर लोधी की जमकर कुटाई कर दी। चूंकि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और रेत ठेकेदार के गुर्गों ने पार्टी पदाधिकारी को पीट दिया है इसलिए खनिज मंत्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह स्वयं गंभीर रूप से घायल पार्टी पदाधिकारी से मिलने अस्पताल पहुंचे। खनिज मंत्री ने इधर कार्रवाई का भरोसा दिलाया उधर पुलिस भी फ़ौरन हरकत में आयी और आनन फानन में मामला दर्ज कर कथित पांच आरोपियों को पकड़ लिया।

इस घटना पर भाजपा के एक नेता ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये इसे पूरी भाजपा पर हमला बताया है और उन्होंने खनिज मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा संबंधित मामले मे कड़ी कार्यवाही होनी चाहीए जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो तथा इस मामले में रेत ठेकेदार पर भी मामला दर्ज किया जाना चाहिये। नेता जी पार्टी पदाधिकारी पर हुये जानलेवा हमले से आहत हैं और रेत ठेकेदार पर मामला दर्ज करने की मनुहार कर रहे हैं यह अलग बात है कि रेत ठेकेदार के जुल्म से पीड़ित किसान जब पन्ना आकर प्रदर्शन कर रहे थे तब नेता जी मौन साधे रहे।

रेत ठेकेदार रश्मीत मल्होत्रा द्वारा सौंपा गया ज्ञापन

भाजपा मंडल अध्यक्ष की मारपीट के मामले को लेकर रश्मीत मल्होत्रा रेत कम्पनी के द्वारा अपने कर्मचारियों पर 307 का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर मांग की गई है की सत्तापक्ष के नेताओं के दबाव मे हमारे कम्पनी के कर्मचारीयों के खिलाफ बिना जांच के मामला दर्ज किया गया है। ज्ञापन मे उल्लेख किया गया है की स्थानीय सत्तापक्ष के नेताओ द्वारा लगातार अवैध उत्खनन तथा परिवहन किया जा रहा है जिससे कम्पनी को राजस्व की भारी हानि हो रही है जिसके संबंध मे हमारे द्वारा पुलिस तथा स्थानीय प्रशासन को आवेदन देकर अनेको बार अवगत कराया गया लेकिन कोई निराकरण नही हुआ. दिनांक 31 मई को जो घटना क्रम हुआ है उसमे हमारे 5 कर्मचारी ड्राइवर सहित कालिजंर पहाडीखेरा से अजयगढ की ओर लौट रहे थे इसी दौरान नया गांव के पास टैक्टर मे रेत लेकर ड्राइवर राम किशोर लोध आ रहे थे। हमारे कर्मचारियों ने ड्राइवर से कागजों के सम्बन्ध में पूछतांछ की तो उन्होने कोई कागज नही दिखाये तथा गाली देते हुए कहा की यह हमारा क्षेत्र है हमे रायल्टी नही लगती है हमारे वाहन हमेशा इसी तरह चलते है और हमारे कर्मचारियों के साथ अभद्रता की गई। उसके बाद राम किशोर ने अपने भाई कौशल किशोर को फोन करके बुला लिया तथा सामूहिक रूप से हमला कर दिया हमारे कर्मचारी किसी प्रकार जान बचाकर भागे जिसकी सूचना हमारे कर्मचारियों द्वारा थाना धरमपुर को भी दी गई थी। उक्त विवाद मे हमारी कम्पनी के कर्मचारीयों को भी गंभीर चोटे आई है लेकिन सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के दबाव मे पुलिस ने हमारे कर्मचारियों के खिलाफ एक तरफा मामला कायम किया गया है मामले की जांच नही कराई गई।